सोमवार, 17 सितंबर 2012



हमारे दैनिक जीवन में हम सुबह आंख खुलने से लेकर रात को बिस्तर पर जाने तक सैकड़ों प्रकार की ध्वनियां सुनते हैं जैसे मंदिर का घंटा, दरवाजे पर हो रही ठक-ठक, गाड़ियों की गड़गड़ाहट . अक्सर हम इन्हें सुनते हैं और सुनकर अनसुना भी कर देते hai..