कहीं खुशियों से ऊबे तो नहीं ..... अक्सर होता है की क्षणिक स्वार्थ में ऐसे अमूल्य रिश्तों को ठुकरा कर कर हम अपनी खुशियों को तलाशने लगते हैं, और बाद में हर चीज गवा बैठते हैं। खुद के लिए खुशियाँ झूठी हो जाती है, इस लिए हो सके तो असली खुशियों को तलाशिये अपनो में।
मुश्किल कार्य नहीं है पर समय लेता है।
कठिन है लेकिन ज़िंदगी आसान बना देता है ।
हो सके तो मैं-तुम की दुनिया से एक नजर बाहर भी देख ली जाय ।
मुश्किल कार्य नहीं है पर समय लेता है।
कठिन है लेकिन ज़िंदगी आसान बना देता है ।
हो सके तो मैं-तुम की दुनिया से एक नजर बाहर भी देख ली जाय ।

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